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समूह की महिलाओं के सच हुए सपने, उद्यमीकरण की ओर बढ़े कदम

*समूह की महिलाओं के सच हुए सपने, उद्यमीकरण की ओर बढ़े कदम* *मंत्रोच्चारण के बीच पुष्टाहार उत्पादन केंद्र का हुआ लोकार्पण* सैफई  :  उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा गठित एसोसिएशन ऑफ पर्सन जागृति प्रेरणा महिला लघु उद्योग द्वारा पुष्टाहार उत्पादन केंद्र का शुभारंभ लछवाई में शनिवार को किया गया। आंगनवाड़ी केंद्रों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित पुष्टाहार वितरित किया जाएगा। इसमें 300 समूह की भागीदारी है।  20 महिला कर्मी है। सभी मशीनें लग चुकी है। विकास खण्ड सैफई, बढ़पूरा एवं जसवन्तनगर की आंगनवाड़ी भी इस केंद्र से संबद्ध है।        प्रणता ऐश्वर्या, मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मंत्रोचार के साथ हवन-पूजन किया और फीता काटकर प्लांट का उद्घाटन व निरीक्षण किया। मुख्य विकास अधिकारी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं पूरी लगन और ईमानदारी से काम करें।         जिला विकास अधिकारी दीनदयाल ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए ग्रामीण आजीविका मिशन सरकार क...

औषधियों का उपवन है, प्रेरणा पोषण वाटिका

स्वच्छ और स्वस्थ आहार का स्रोत है पोषण वाटिका औषधियों का उपवन है, प्रेरणा पोषण वाटिका बहराइच, मिहींपुरवा: उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के इन्टेन्सिव विकास खण्ड मिहीपुरवा में सुरेन्द्र कुमार गुप्त, उपायुक्त स्वतः रोजगार एवं मृगांक शेखर उपाध्याय, जिला मिशन प्रबन्धक, लाइवलीहुड के निदेशन में जीविका, बिहार से आये कृषि विशेषज्ञों द्वारा समूह की महिलाओं को पोषण वाटिका लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।     पोषण वाटिका घर के अगल बगल में या  के आंगन में ऐसी खुली जगह पर होती हैं, जहाँ पारिवरिक श्रम से परिवार के इस्तेमाल हेतु विभिन्न मौसमों में मौसमी फल तथा विभिन्न सब्जियाँ उगाई जाती है। पोषण वाटिका का मकसद रसोईघर के पानी व कूड़ा करकट का इस्तेमाल कर के घर की फल व साग सब्जियों की दैनिक जरूरतों को पूरा करना है। आजकल बाजार में बिकने वाली चमकदार फल सब्जियों को रासायनिक उर्वरक प्रयोग कर के उगाया जाता है। रसायनों का इस्तेमाल खरपतवार, कीड़े व बीमारियों रोकने के लिए किया जाता है। इन रासायनिक दवाओं का कुछ अंश फल सब्जी में बाद तक बना रहता है, जिसके कारण उन्हें इस्तेमाल करने ...

समूह की महिलाओं के साथ अपराजिता कार्यक्रम

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समूह की महिलायें करेंगी टेक्नीशियन का कार्य

सौर ऊर्जा स्टडी लैम्प रिपेयरिंग एवं मेंटेनेन्स हेतु समूह की महिलाओं को तीन दिवसीय प्रशिक्षण होगी समूह की महिलायें करेंगी टेक्नीशियन का कार्य मिहींपुरवा, बहराइच:   उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं आईआईटी, मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में संचालित भारत सरकार की नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत 70 लाख सौर ऊर्जा स्टडी लैंप योजना  चला़यी जा रही है।                आई. आई. टी. मुंबई के राज्य परियोजना प्रबन्धक, उत्तर प्रदेश, शैलेन्द्र द्विवेदी के अनुसार यह योजना उत्तर प्रदेश के 29 जनपद एवं 115 ब्लाकों में लागू हुई हैं  तथा  34  लाख स्टडी सौर ऊर्जा लैम्प  स्कूलों के बच्चों को  वितरण किया जाना हैं। अभी तक 1.5 लाख बच्चों को स्टडी सौर लैम्प वितरण हो चुका हैं। प्रथम चरण में जनपद -सोनभद्र, उन्नाव, बहराइच, लखीमपुर खीरी, हरदोई, इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर मे योजना चल रही हैं तथा अभी तक 8 जनपद मे आजीविका मिशन की 300 महिलाओं को रोजगार भी मिला है। ये परियोजना  उन-उन क्षेत्रों में चलाई जा रही है, जहां...